औकात Aukaat Lyrics – Badla | Amitabh Bachchan
Aukaat Lyrics in Hindi
दर्दनाक ढाक की
बदला दे तू खुराक रे
मजाक जो उड़ाएगा
चमाट दे फटाक से
डर नहीं तो घिस गयी
जो तेरी तीखी नाक ये
मांग बस खुदा से
हौसले की एक शबक रे
चीटियों की नस्ल पे ध्यान दे जरा
जो रो के ना उठाती दाना चीनी का
औकात को बदला दे
दिन है सात वो बदल दे
तेरा अगला पिछला
तू बदल ले के बदला
तू दूजे नज़रिये से देख
वो दिखेंगे दानव जो दिख रहे थे नेक
भेजे को खोल सामने तो देख
ऐसे किसी के सामने भी माथा ना टेक
देख तू ऊपर से
देख तू राईट से
भांप ले खतरा तू हर इक साइड से
सिक्के का तीसरा पहलु तू देख
मुसीबत को बोल दो घिसेंगे साइड पे
मसल ना थोड़ा अकल से देख
तू छोड़ना कसर नहीं
गाड़ मत बेइज़्जती के बीज उगेगी
गन्दी फसल ही गटर सी
जो काले उजाले में पलटी
फिर आगे ना जाके बदलती
रातों ने तुझको जो बदला
तू लेले तो खुद का बदला
यूँ डर के बैठ के ना हक्कगला
औकात को बदल दे
दिन है सात वो बदल दे
तेरा अगला पिछ्ला
तू बदल ले के बदला
बदल दे अपनी ढाक रे
दिन है सात वो बदल दे
तू बदला ले खचाक से
तेरा अगला पिछ्ला
तेज कर ले नाक ये
तू बदल ले के बदला
उसको धक्का दे धपाक से
बदला..
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