उलझन बड़ी Uljhan Badi Lyrics in Hindi – Papon | Bansuri
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Uljhan Badi Lyrics in Hindi
उलझन बड़ी गले आ पड़ी
बचे कैसे
आफत मेरे दर पे पड़ी
कहे किससे
दया रे, दया रे
तुझको ढूंढें दिल बेचारा
नैया रे, ये नैया रे
घिरता तूफान में ये आवारा
गिन गिन कुछ आस सांस में
लेकर दिल था जिंदा
मायूसी की इक नगरी का
जो था ये बासिन्दा
दया रे, दया रे
सीधे आसमां से
ला खजूर पे पटका
ये है करम की तिकड़म
या फिर है तेरी लीला
जो भी है कर डाला
मेरा हाल ये ढीला
सुन जा जरा दिल की सदा
बतला दे कोई दिशा
जिन राहों में खो के
मिलेगा मेरा पता
दया रे, दया रे
रोया फिरता रहा बंजारा
नैया रे, ये नैया रे
खोया तूफान में ये आवारा
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