तावीज़ Taweez Hindi Lyrics – Mr faisu, Jannat zubair
Taweez Lyrics in Hindi
आवाज दे के
तू रोक ले
मैं एक मुसाफ़िर
तू सोच ले
आवारा पंछी
मैं उड़ता फिरता
सुखी जमीं पे बारिश सा गिरता
कोई होश ना था मुझे
मैंने सीने लगा के रखा
तावीज़ बनना के तुझे
मैंने सीने लगा के रखा
तावीज़ बनना के तुझे
दर्द था, सर्द था
सीने में रहता था मैं
हर्फ़ था, लफ़्ज़ था
इश्क का लम्हा था मैं
ना जाने आँखों को
थी क्या तलाश
ना जाने होंठों
थी किसकी प्यास
कोई होश ना था मुझे
मैंने सीने लगा के रखा
तावीज़ बनना के तुझे
मैंने सीने लगा के रखा
तावीज़ बनना के तुझे
ये जमीं
आसमा देखा सारा जहाँ
ढूढता फिर रहा
छुप गए तुम कहाँ
ना जाने तुझको फिजा
कहाँ ले उड़ी
मेरी हर सांस को
तुझसे जुडी
कोई होश ना था मुझे
मैंने सीने लगा के रखा
तावीज़ बनना के तुझे
मैंने सीने लगा के रखा
तावीज़ बनना के तुझे
SHARE ON