ख़्वाब Khaab Lyrics in Hindi – Anshul Seth

Khaab Lyrics in Hindi

कभी कभी हम सब खुली आँखों से ख़्वाब देखते हैं
चलिये मैं आपको अपने ख्वाब में ले चलूँ

तू है रात मैं ख़्वाब सी हूँ
तू ग़ज़ल सा मैं साज़ सी हूँ
तेरे मन की आवाज़ मैं हूँ
तेरी रूह की आवाज़ भी हूँ

तू है रास्ता मैं सफ़र सा
मैं तेरे साथ ही में चलूँ

हर सुबह शाम अब तेरे नाम हो
जिसमें तुझे देखा करूँ
तू मेरा आसमाँ तू मेरी ज़मीन है
तू मिल जाए क्यों तू मिलता नहीं है
तू मेरा आसमाँ तू मेरी ज़मीन है

दहलीज पे तेरी बैठी रहूँ
सोचा तुझे ही करुँँ
मन्नत जो मांंगू ख़ुदा से
कभी माँगा तुझे ही करूँ

अब तेरी राह से
दूर जाना मुमकिन नहीं
तू लहर है मैं रेत सी हूँ
तेरे साथ बहती चलूँगी
तू है चाँद मैं चाँदनी हूँ
रहे जब तक तू मैं रहूंगी

तेरी आँखों के आशियाँ में कहीं
घर हो तेरा मेरा
जहाँ तू रहे मैं रहूंगी वहीं
मानूँगी कहना तेरा

साथ लेके ख़ुशी आऊँगी तेरी गली
तू हसीन मैं मेहमान सी हूँ
बस तेरी पहचान सी हूँ
तेरे दिल का अरमान सी हूँ
बस खुद से अनजान सी हूँ

तू है रास्ता मैं सफ़र सा
मैं तेरे साथ ही में चलूँ
हर सुबह शाम अब तेरे नाम हो
जिसमें तुझे देखा करूँ

तू मेरा आसमाँ तू मेरी ज़मीन है
तू मिल जाए क्यों तू मिलता नहीं है
तू मेरा आसमाँ तू मेरी ज़मीन है

वो लगता है एक ख़ूबसूरत ख़्वाब सा
जाने किस मोड़ पे तसव्वुर होगा

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