गुस्ताखियाँ Gustakhiyaan – Raghav Chaitanya, Ritrisha sarma

Gustakhiyaan Lyrics in Hindi

तेरे बारे में सोचते
दिन है जाता निकल
बदली बदली सी क्यूँ ये है
फितरतें आजकल

दिल में मेरे तू घर कर गया
खाली था जो तू वो भर गया

गुस्ताखियाँ होने दे
मनमानियां होने दे
गुस्ताखियाँ होने दे
मनमानियां होने दे..
होने दे…

ये डूबे डूबे से जो लम्हात है
ये भीगे भीगे से जो जज़्बात है
ये डूबे डूबे से जो लम्हात है
ये भीगे भीगे से जो जज़्बात है

ये इश्क ये चाहत, कब इबादत
बन गयी क्या पता
दिल में मेरे तू घर कर गया
बेरंग थी मैं तू रंग गया

गुस्ताखियाँ हे.. ऐ..
मनमानियां.. गुस्ताखियाँ
गुस्ताखियाँ होने दे ऐ..
मनमानियां होने दे

कैसे ये जो चुप सी थी
कुछ बातें हाँ
सुन लिया तूने सब
बिन कहे बोलना.. हाय..

गुस्ताखियाँ होने दे
मनमानियां होने दे
गुस्ताखियाँ होने दे
मनमानियां होने दे

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