पुरवैया Purvaiya Lyrics in Hindi – Toofaan

Purvaiya Lyrics in Hindi

समय के पन्नो पे लिख रही है
ये जिंदगी जो कहानी
है कैसे मोड़ इसमे आने वाले
ये बात किसने है जानी

यही जिंदगी हसाये
यही जिंदगी रूलाये
यही जिंदगी दे लोरी
यही जिंदगी जगाये

यही लती है अंधेरे
यही रोशनी भी लाए
यही ज़ख्म ज़ख्म कर दे
और यही मरहम लगाये

हर पल यन्हा, नया समय
नए ज़मीन, नए आसमान है
कभी तो है नरम हवा
और कहीं गर्म आंधियां हैं

तेज़ चली रे पुरवैया
दिन में लायी रात रे
तेज़ चली रे पुरवैया
बिखरे हैं फूल पाथ रे

तो बस हेरान हेरान सोचे इंसान
होनी है अब क्या बात रे
तो बस हेरान हेरान सोचे इंसान
होनी है अब क्या बात रे

तेज़ चली रे पुरवैया

समय के पन्नो पे लिख रही है
ये जिंदगी जो कहानी
है कैसे मोड़ इसमे आने वाले
ये बात किसने है जानी

वो आंखें जो कहीं नहीं उनके सपने
मेने है संभल के रखे
यादों ने सारी तस्वीर और दिल ने
दर्द है कमाल के रखे

अपनी धड़कनो में और सांसों में
मैंने जिसको रखा है जिंदा
उसके उमीदों को उसके ख़्वाबों को
कैसे ना होगा शर्मिंदा

राहो में थे बिछे हुए
देहके देहके अंगारे
आकाश से पत्थर बरसे
ये सपने फिर भी ना हरे
फिर भी ना हरे

तेज़ चली रे पुरवैया
दिन में लायी रात रे
तेज़ चली रे पुरवैया
बिखरे हैं फूल पाथ रे

तो बस हेरान हेरान सोचे इंसान
होनी है अब क्या बात रे
तो बस हेरान हेरान सोचे इंसान
होनी है अब क्या बात रे

तेज़ चली रे पुरवैया
पूर्वैया
तेज़ चली रे, तेज़ चली रे
तेज़ चली पुरवैया

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