मैं किसी और का Main Kisi Aur Ka Hindi Lyrics – Darshan Raval

Main Kisi Aur Ka Lyrics in Hindi

कितने मौसम गुज़ार गये
ये दर्द क्यूँ गुज़रता ही नहीं
क्या वफ़ा करूँ मैं किसी और से
तू दिल से उतरता ही नहीं

क्यों उसकी आँखों में मुझे
तू आज भी ढूँढती है
लोगों से मेरा बातों बातों में
क्या हाल तू पूछती है

मैं किसी और का तू किसी और की
कैसे हैं जी रहे
झूठी ये ज़िंदगी

मैं किसी और का तू किसी और की
कैसे हैं जी रहे
झूठी ये ज़िंदगी

तनहाईयाँ होती है क्या
पूछो बिन तारों के अकेले महताब से
याद तुझे कितना किया
पूछो आँखों से बहते ये सैलाब से

जो भर दे ज़ख़्म प्यार का
मरहम कोई बना नहीं
जो हमसे दिल था कह रहा
वो क्यूँ हमने सुना नहीं

मैं किसी और का तू किसी और की
कैसे हैं जी रहे
झूठी ये ज़िंदगी

मैं किसी और का तू किसी और की
कैसे हैं जी रहे
झूठी ये ज़िंदगी

ओ… ओ…
मैं किसी और का तू किसी और की

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