वशमल्ले VASHMALLE – Thugs Of Hindostan

Vashmalle Lyrics in Hindi

रात पौने बारह पे
दाल के शरारा
बग़दाद से मंगाई रात हैहाल से मलंगी है
चाल से फिरंगी
शैतान की लुगाई रात है

इसकी अदा में कोहिनूर का जमाल है
शौक़ीन है मिजाज़ से मिया कमाल है
अंगूर के निचोड़ में नहा के आयी है
मौके का फायदा उठा ले फिर भी ताल है

अरे रे रे.. हुड-दांग मचे, शोर मचे हल्ले
ए अरे रे रे.. जब तक ना ढले, रात जश्न करले
हाँ थिरक थिरक थिरक थिरक झूम ले
वशमल्ले, वशमल्ले, वशमल्ले यारा वशमल्ले..

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