हुई मलंग Hui Malang – Asees Kaur
Hui Malang Lyrics in Hindi
काफ़िर तो चल दिया
काफ़िरा तो चल दिया
इस सफर के संग
मंजिले ना दूर कोई
ले के अपना रंग
के हुई मैं
के हुई मैं
के हुई मैं मलंग मलंग मलंग
की हुई मैं मलंग मलंग मलंग
के हुई मैं मलंग मलंग मलंग
मैं मलंग हाय रे
मैं बैरागन सी जीऊं ये भटकता मन
मैं बैरागन सी जीऊं ये भटकता मन
अब कहाँ ले जायेगा ये आवारापन
के हुई मैं मलंग मलंग मलंग
के हुई मैं मलंग मलंग मलंग
के हुई मैं मलंग मलंग मलंग
मैं मलंग हाय..
कुछ धूंआ कुछ दुआ है
खामोशी का साज़ है
सुखा दरिया प्यासा जरिया
हिन्दी ट्रैक्स डॉट इन
भीगे बस अल्फ़ाज़ है
रेत सी बिखरी हूँ मैं
तेरी ज़मीन का कर्म
चाँद के इन दागों का
तू ही तो है मरहम
के हुई मैं
के हुई मैं मलंग मलंग मलंग
की हुई मैं मलंग मलंग मलंग
की हुई मैं मलंग मलंग मलंग
मैं मलंग हाय रे
SHARE ON